ladkiyon mai jawani ke doran hone wale badlaav

लेखक – अविका पढ़ने का समय – 4 मिनट

लड़कियों में 11 – 13 साल की उम्र में शारीरिक- मानसिक बदलाव होना शुरू हो जाते हैं।यह बदलाव 3-4 साल तक होते रहते हैं।इस समय कुछ लड़कियों की लंबाई एक साल के अंदर ही 4 इंच तक बढ़ सकती है।इस अवस्था को यौवन काम कहते हैं या आसान शब्दों में बड़ा होना, जवान होना भी कह सकते हैं।

इस यौवन काल में निम्नलिखित शारीरिक बदलाव होते हैं –

1.लड़कियों के शरीर में पाए जाने वाले हार्मोन (FSH &LH) अंडाशय में पाए जाने वाले हार्मोन को एस्ट्रोजेन को नियंत्रित करके शरीर का विकास करती है।

2.एस्ट्रोजनस्तन के बढ़ने का कारण बनता है और योनि, गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब को विकसित करने में मदद करता है। इससे लड़कियां लंबी भी हो जाती हैं और शरीर में वसा जमा होने लग जाता है।यह वसा कमर, कूल्हों और नितंबों में अधिक स्पष्ट रूप से दिखता है। यौवन के बाद, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन मासिक धर्म चक्र या अवधि को नियंत्रित करते हैं।

3 स्तन बड़े होने लग जाते हैं और योनि, गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब विकसित होती हैं।इस प्रकार यौवन काल शरीर को गर्भ धारण करने के लिए विकसित करता है।

4.शरीर लंबा, भारी और मजबूत हो जाता है। शरीर में गर्मी पैदा होने के कारण पसीना ज़्यादा निकलता है।त्वचा की खूबसूरती के लिए त्वचा तैलीय हो जाती है।जननांगों के आसपास,बाहों के नीचे बाल आने लग जाते हैं।

5.हार्मोन बदलाव होने के कारण

•अचानक मूड में बदलाव होता है।एकदम से चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
•भावनाओं अधिक शालीन हो जाती हैं।
•यौन भावनाओं और कल्पनाओं में वृद्धि भी होती है।

6. 11-13 साल में पीरियड आने शुरू हो जाते हैं।शुरू-शुरू में पीरियड्स में दर्द होता और खून कम निकलता है। 6 महीने बाद मासिक धर्म सही स्वस्थ तरीके से होते हैं।मासिक धर्म का समय 3-7 दिन का होता है,जो हर 28 दिन बाद होते हैं।

एक लड़की में मानसिक बदलाव क्या – क्या होते हैं वो मैं अपने अनुभव से बता रही हूं –

1.बचपन में बहुत शरारती थी पर जवान होने पर मैं और भी ज्यादा शरारती हो गई हूं। बचपन में लड़कों के साथ खेला करती थी और अब लड़कों को खेल में हरा भी देती हूं। ऐसा कोई लड़का नहीं होगा जो मुझसे वॉलीबाल मैं ना हारा हो।

2.बचपन में मैं अपनी मम्मी के पास ज्यादा रहती थी पर बड़े होने पर मैं पापा की लाडली बन गई हूं। पापा मेरे लिए पूरा जहान बन चुके हैं।रोज उनके ऑफिस से आने का बेसब्री से इंतजार करती हूं। उन्हीं के साथ खाना खाती हूं।बचपन में उनके पास नहीं जाती थी क्योंकि वह अपनी दाढ़ी मेरे गाल पर चुभाते थे।girl body changes in puberty

3.चिड़चिड़ापन महसूस होने लग जाता है।गुस्सा नहीं आता था, बस कुछ ना कुछ तोड़फोड़ करने का मन करता है। कभी बर्तनों को पटक- पटक के साफ करती थी, कभी दरवाजा जोर से पटक के मारती थी। छोटे भाई से बहुत लड़ाई होती थी। भाई पर इतना गुस्सा आता था कि मन करता था उसे सब्जी मंडी में बेच आयुं ।

4.फेसबुक, टिकटोक, इंस्टाग्राम पर फेमस होने का बहुत मन होता है।बार-बार फॉलोअर्स💞💞 की संख्या बढ़ते हुए देखने में बहुत मजा आता है। सहेली की फॉलोअर्स अगर खुद से ज्यादा हो जाए तो बहुत जलन होती है।

5.रंग-बिरंगे कपड़े पहनने का मन करता है। मैं कपड़े खुद सजने के लिए कम और दूसरों को जलाने के लिए ज्यादा पहना करती थी (पता नहीं मैं ऐसा क्यों करती थी)। टाइट कपड़े पहनने का मन ज्यादा करता है इससे कॉन्फिडेंट फील होता है। पिंक शर्ट और ब्लैक जीन्स से कुछ ज़्यादा ही प्यार हो जाता है।बिना लहंगा – चोली के शादी में घुसने का भी मन नहीं करता।

6.जवानी एक सबसे अच्छी चीज होती है।वह है- क्लास के सबसे खूबसूरत लड़के पर क्रश हो जाता है। पर यही सबसे बेकार चीज बन जाती है जब क्रश एक नंबर का मतलबी निकलता है ।पता नहीं पहला क्रश और प्यार हमेशा मतलबी लड़कों से ही क्यों होता है?

 

 

 

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