khoon kaise saaf kare

blood purification is important

ठीक जिस प्रकार हम नहा-धोकर ,इत्र लगाकर अपने बाहरी शरीर को खूबसूरत बनाए रखते हैं ठीक उसी प्रकार हमारे अंदरूनी अंगों को भी देखरेख की जरूरत पड़ती है। क्या आपने कभी गौर किया है सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक,प्लास्टिक बंद खाने में प्रिजर्वेटिव जब हमारे शरीर में जाते हैं तो यह हमारे खून में धीरे-धीरे इकट्ठा होते रहते हैं। इनकी मात्रा शरीर में अधिक होने पर ही है हमें बीमार पड़ते हैं।

इसलिए अक्सर कहा जाता है कि बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए। पर आप कब तक बाहर के खाने से परहेज करेंगे,जब रोजाना खाए जाने वाली सब्जी दाल में ही मिलावट हो। बार-बार यही केमिकल वाला खाना खाने के कारण यह केमिकल हमारे शरीर में जमा होते रहते और धीरे-धीरे इनकी मात्रा खून में भी बढ़ती जाती है। यह केमिकल फिर पेट से सीधा हमारे खून में पहुंच जाते हैं।इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम समय-समय पर अपने रक्त की शुद्धि करते रहे। रक्त शुद्धि करने से यह खतरनाक केमिकल हमारा आहार तंत्र शरीर से बाहर निकाल फेंकता है।

अगर विषय की गहराई में बात किया जाए तो तो हम हवा में मिला प्रदूषण भी श्वसन क्रिया के द्वारा अंदर ले जाते हैं और यह फेफड़ों में जमा हो जाता है इसलिए ना केवल रक्त की बल्कि हमारे पूरे शरीर को शुद्धिकरण की आवश्यकता रहती है।

1. शराब और अन्य मादक पदार्थो से छुटकारा-

Say no to alcohol

यदि आप शराब और अन्य मादक पदार्थ का सेवन नहीं करते हैं तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छी बात है।परंतु जो लोग नशों का सेवन करते हैं और खासकर की शराब उनके लिए यह बता देना बहुत जरूरी है कि शराब का 90% हिस्सा हमारे लीवर द्वारा ही पचाया जाता है।

आपने यह भी देखा होगा कि अधिक शराब पीने वालों को लीवर का फोड़ा हो जाता है जो उनकी मृत्यु का कारण बनता है।शराब से कैंसर भी हो जाता है।शराब शरीर में जाने के बाद एस्टीऐलडीहाइड नामक केमिकल में बदल जाती है और यह केमिकल हमारे लीवर को बहुत नुकसान पहुंचाता है ।जब तक हमारा लीवर स्वस्थ नहीं होगा तो हम ही स्वस्थ नहीं रह सकते।जब तक आप जवान रहते हैं तब तक तो शरीर खतरनाक नशीले पदार्थों से लड़ता है परंतु बुढ़ापा आते ही लीवर की काम करने की क्षमता क्षीण होती जाती है और यह ढंग से काम नहीं कर पाता ।

 इसलिए यह आवश्यक है कि आप नशों से दूर रहे ताकि आपका लीवर पूर्ण क्षमता से काम कर सके।

कुछ रिसर्च में यह सामने आया है कि बेहद थोड़ी मात्रा में शराब सेहतमंद भी हो सकती है। परंतु अधिक शराब पीने से आपके लीवर में फैट जमा होता जाता है जिससे आपका लीवर सही से काम नहीं कर पाता।

 

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2.अच्छी नींद- 

अच्छी नींद केवल स्वस्थ शरीर के लिए ही नहीं बल्कि रक्त शुद्धिकरण के लिए भी आवश्यक है। जो लोग रात को सही समय पर नहीं सोते हैं एवं देर रात के बाद खाना खाते हैं उनको पाचन क्रिया संबंधी कोई ना कोई दिक्कत होती ही है। क्योंकि शरीर से मल-मूत्र निकालने के लिए नींद बहुत जरूरी है।

जब आप नींद में होते हैं तभी आपका शरीर रक्त से गंदगी बाहर निकालता है।

•इसलिए 6 से 9 घंटे की नींद अवश्य ले।

•जितना हो सके शाम को 7:00 बजे के बाद भोजन ना करें

•जल्दी भोजन कर लेने से आपके शरीर को इतना समय मिल जाता है कि वह सारे दूषित पदार्थ को शरीर से बाहर निकाल सके।

 

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3.पर्याप्त मात्रा में पानी पीना- 

पानी ना केवल प्यास बुझाता है बल्कि शरीर का तापमान और पाचन क्रिया दुरुस्त करता है। भोजन को पचाने के लिए पेट के पाचक रस  तरल अवस्था में ही होते हैं। पाचक रस को तरल पानी से ही मिलता है। यदि भोजन ही अच्छे से हजम नहीं होगा तो शरीर का बाकी काम भी ढंग से नहीं हो पाएगा।

शरीर को मल मूत्र और दूषित पदार्थ बाहर निकालने के लिए भी पानी चाहिए होता है। भोजन खाने के बाद यह यूरिया में बदल जाता है और यूरिया पानी की मदद से ही पेशाब के द्वारा बाहर निकलता है।

त्वचा की गंदगी और दूषित पदार्थ पसीने के द्वारा ही बाहर निकल जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि पसीना आता रहे और पसीना आते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।

 

how less sugar in food helps in blood purification

4.भोजन में मीठा कम लेना-

 अधिक मीठा खाने वालों के दांत तो सड़ते हैं ही,साथ ही साथ मधुमेह होने का खतरा भी बढ़ जाता है। मधुमेह से छुटकारा पा पाना आसान नहीं होता। मधुमेह बीमारी के कारण शरीर का रक्तचाप सुचारू रूप से काम नहीं कर पाता है। इसके अलावा तेल  हुए भोजन या तैलीय भोजन से भी परहेज रखें तैलीय भोजन की बजाए सब्जियां- फल अच्छा विकल्प हैं।

 

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5.एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त भोजन खाना-

पाचन क्रिया के दौरान हमारे शरीर में बहुत सारी रसायनिक क्रिया होती रहती है जिसकी वजह से रक्त में फ्री रेडिकल्स बन जाते हैं।यह फ्री रेडिकल्स शरीर के प्रोटीन और डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं इन फ्री रेडिकल्स से मुक्ति पाने का सबसे आसान तरीका है एंटीऑक्सिडेंट से युक्त भोजन करना। उदाहरण- विटामिन ए, विटामिन सी,विटामिन ई, सेलिनियम, कोपर ,चॉकलेट ,काली चाय, मसालें, कॉफी जैसे पदार्थ ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं।

 

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6.पेट को स्वस्थ रखना- 

आंतो में शरीर को शुद्ध रखने की शक्ति स्वयं होती है पर गलत खानपान की आदतों से यह शक्ति नष्ट हो जाती है।आंतों में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो भोजन पचाने में हमारी मदद करते हैं।

भोजन के जरिए केमिकल पेट में पहुंचते हैं जिससे इन बैक्टीरिया को नुकसान होता है। जिसकी वजह से यह बैक्टीरिया ढंग से काम नहीं कर पाते हैं और पेट में गैस बनने की समस्या आम हो जाती है।

इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप ऐसा भोजन करें जिससे अच्छे बैक्टीरिया पनप सके क्योंकि इनके बिना जीवन संभव नहीं है।पैक्ड फूड या पन्नी में आने वाले भोजन में एंटीबायोटिक या सोडियम बेंजोएट एक प्रकार का प्रिजर्वेटिव होता ही है( आप चाहे तो अभी देख भी सकते हैं)। यह एंटीबायोटिक बैक्टीरिया को बहुत नुकसान पहुंचाता है।

रोज एक चम्मच दही खाने से यह बैक्टीरिया अपना काम अच्छे से करते रहते हैं और  भोजन पाचन में हमारी मदद करते हैं।केला,प्याज,लहसुन भी लाभदायक है।

 

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7.कम नमक खाना- 

आपने भी गौर किया होगा कि अधिक नमक खाने पर अधिक प्यास लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नमक को शरीर से बाहर निकालने के लिए किडनी को अधिक काम करना पड़ता है।अधिक काम करने की वजह से अधिक पानी की आवश्यकता पड़ती है।अधिक काम करने की वजह से लिवर-किडनी बाकी के महत्वपूर्ण काम जैसे रक्त शुद्धिकरण और पाचन क्रिया ढंग से नहीं कर पाते हैं।

इसलिए यह आवश्यक है कि कम मात्रा में नमक का सेवन करें। सेंधा नमक, समुद्री नमक से कई गुना तक अच्छा होता है और इसको सेवन करने वालों में बीपी की समस्या भी नहीं होती है।

 

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8.क्रियाशील जीवन-

 बहुत से लोग बहुत ही आलसी जीवन जीते हैं। यह बेहद जरूरी है कि आप रोज कसरत-योग करें।ऐसा करने से-

•आपके शरीर से पसीने के द्वारा शरीर की गंदगी निकलती रहती है।

•साथ ही साथ आपकी तेज-तेज सांस लेने के कारण फेफड़े भी स्वस्थ रहते हैं

•कसरत करने से हाई बीपी और दिल के दौरे का खतरा भी अपने आप कम हो जाता है।

कसरत पाचन शक्ति को मजबूत करने में भी कारगर है।

 

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फेफड़ों की शुद्धि के लिए

हवा में प्रदूषण के कारण फेफड़ों को बहुत कुछ झेलना पड़ता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना सुबह 10 मिनट की दौड़ बेहद लाभप्रद है। इसके साथ ही साथ अनुलोम विलोम करने से आपके फेफड़े का बहुत ही अच्छे तरीके से शुद्धिकरण हो जाता है।

इसके अलावा व्रत रखना,सुबह सोकर उठते ही पानी का गिलास पीना रक्त शुद्धिकरण के उपाय हैं।

 

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