Cholesterol kya hai in hindi

  1. आजकल के लोगों में यह भ्रम जरूर है कि कोलेस्ट्रोल सेहत के लिए सिर्फ नुकसानदायक है। परंतु कोलस्ट्रोल हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है जिसके बिना काम नहीं चल सकता।हमारा लीवर रोजाना 1 से 2 ग्राम कोलेस्ट्रॉल बनाता है।कोलेस्ट्रॉल हर सैल का अहम हिस्सा है।साथ ही साथ विटामिन डी,स्टेरॉयड हार्मोन और बाइल(पाचक रस) बनाने में भी जरूरी है।कोलेस्ट्रोल शरीर के रक्त में घुलनशील नहीं होता है शरीर के हर अंग तक कोलेस्ट्रोल पहुंचाने के लिए लिपॉप्रोटीन की जरूरत पड़ती है।
 

1.कोलेस्ट्रॉल के प्रकार-

आपने एच.डी.एल. और एल.डी.एल. कोलेस्ट्रोल के बारे में जरूर सुना होगा। असल में यह कोलेस्ट्रोल के नहीं बल्कि लिपॉप्रोटीन के प्रकार होते हैं। यह लिपॉप्रोटीन अपने अंदर कोलेस्ट्रॉल को लपेटे हुए रखते हैं।

1.1एच.डी.एल. 

यानी कि हाई-डेंसिटी लिपॉप्रोटीन इसको अच्छा कोलेस्ट्रोल भी माना जाता है जोकि शरीर के फालतू के कोलेस्ट्रोल को लीवर के सहायता से शरीर के बाहर निकाल फेंकता है।

1.2एल.डी.एल. 

यानी कि लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन जिसको अक्सर शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।यह भी शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि यह लीवर से कोलस्ट्रोल लेकर बाकी अंगों तक जरूरी गतिविधि के लिए कोलस्ट्रोल पहुंचाता है।

Blocking of vien due to cholesterol

शरीर के लिए आवश्यक है पर यदि यही एल.डी.एल. जरूरत से अधिक मात्रा में हो जाए तो रक्त वाहिकाओं में जमा हो जाता है और फिर खून के प्रभाव को रोकता है।

बहुत से चिकित्सकों का यह निष्कर्ष है कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल 150 mg/dl से कम होना चाहिए और 70 mg/dl से ज्यादा होना चाहिए।जो लोग जिनका कोलेस्ट्रोल का स्तर तय सीमा के अनुसार रहता है उनको हृदय संबंधी रोग होने का खतरा ना के बराबर रहता है।

भारत में 2014 में हुई रिसर्च में सामने आया है कि हर पांच में से एक भारतीय नागरिक को हृदय से जुड़ी बीमारी है और लगभग 72% भारतीयों में एच.डी.एल. की कमी है।अभी तक ऐसी कोई दवाई नहीं बनी है जो आपके शरीर में एच.डी.एल. बढ़ा सकें।जबकि बाजार में एल.डी.एल. को कम करने के लिए कुछ दवाइयां जरूर उपलब्ध हैं।शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर केवल कसरत और सही खानपान से ही नियंत्रित किया जा सकता है पर फिर भी कुछ लोग अनजाने में दवाइयों को ज्यादा कारगर मानते हैं और उसी का सहारा लेना पसंद करते हैं।

 

2.कोलस्ट्रोल नियंत्रित करने के तरीके-

मोटापा यह बहुत ही आम सी बात है कि यदि कोई व्यक्ति मोटा है तो उसमें कोलेस्ट्रोल की मात्रा भी अधिक ही होगी। कोलेस्ट्रोल और मोटापा हृदय के रोग का प्रमुख कारण है।

2.1 सबसे पहले यह आवश्यक है कि

आप कसरत और अच्छा भोजन करें। वजन कम करने से कोलेस्ट्रोल भी अपने आप कम होगा। चोंकानें वाले तथ्य यह है कि कोलेस्ट्रोल कम करने में मोटापा कम करना दवाइयों से अधिक कारगर साबित होता है।

2.2 फाइबर/ रेशा युक्त भोजन करना – 

Fibrous food lowers cholesterol level

कसरत के बाद कोलेस्ट्रोल कम करने का सबसे कारगर उपाय है  रेशा युक्त भोजन करना। यह रेशा आपको मुख्यत दालें, राजमा, गेहूं, ज्वार, बाजरा, जो आदि में मिलता है।रोज एक कप काले चने या राजमा खाने से आपके शरीर में  कोलेस्ट्रोल बहुत हद तक कम हो जाता है।

ऊपर बताए गए तरीके  कोलस्ट्रोल नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त हैं।इसके अलावा विटामिन बी में नियासिन (niacin) नामक पदार्थ शरीर में एच.डी.एल. और एल.डी.एल. स्तर को नियंत्रित रखने के लिए बहुत अचूक है। इसके अलावा ओमेगा-3 से भरपूर मछली का तेल भी एल.डी.एल. को कम करता है।

अदरक,लहसुन में पाए जाने वाले तत्व खून में जरूरत से अधिक कोलेस्ट्रोल को ले जाने से रोकते हैं। काली चा पीना भी कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है।यदि आपको कोलस्ट्रोल की दिक्कत है तो आप ऊपर दिए गए उपाय कर सकते हैं जो बेहद कारगर सिद्ध होंगे।

 

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