जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज, रेहन सेहन ,जीने का तरीका ,जापानी खाना पीना

अगर जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से देखें तो इस बात में कोई शक नहीं कि जापान में सबसे अधिक 100+ वर्षीय उम्र के लोग रहते हैं।जापान में कुल 70,000 से भी ज्यादा ऐसे लोग है जिनकी उम्र 100 साल से ज़्यादा है।
सबसे लंबी उम्र जीने वाली महिला जिसकी उम्र 117 साल है वह भी जापान की ही रहने वाली है।अगर जीवन के औसत अनुपात से देखें तो जापानियों की औसत उम्र 84 साल है जबकि यही भारत में केवल 68 साल के आसपास है।इस पोस्ट में मैं आपको जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज बताऊंगा। 

किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन सीधा उसके भोजन से जुड़ा होता है। जापान में बाकी देशों के मुकाबले खाने में बहुत ही विविधता पाई जाती है।

1. भोजन 

1.1 चावल-

जापान में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला भोजन है,चावल।इस 100 ग्राम चावल में 130 कैलोरीज़, कार्बोहाइड्रेट्स 28 ग्राम और प्रोटीन 2.7 ग्राम होता है। इस चावल में वसा ना के बराबर होता है, जिससे चावल खाने से शरीर को ताकत तो मिलती है पर शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं होता।जिससे जापान के लोग फिट रहते हैं। जापान में चावल तीनो टाइम खाया जाना पसंद किया जाता है।

1.2 समुद्री भोजन –

जापान के लोग मांसाहारी भोजन के लिए समुद्र से मिलने वाले जीवों पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।जापान के लोग जानवरों के मांस को पसंद नहीं करते हैं। क्योंकि इनके मांस में कोलेस्ट्रोल और फैट्स की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे वजन बढ़ता है और दिल संबंधी बीमारियां भी होती हैं।

1.3 सी-वीड-food of japan for long life

सीवीड समुद्र में उगने वाली काई होती है,जो दिखने में घास जैसी लगती है।इसमें काफी प्रकार के पोषक तत्त्व होते हैं, इसलिए जापान में यह काफी लोकप्रिय है।

जापान के लोग तली हुई चीजें खाना पसंद नहीं करते हैं।इसके बजाय भाप से और उबालकर बना हुआ भोजन खाना पसंद किया जाता है ।जापान के कुछ होटल में टेबल पर एक तवा लगा होता है जिसमें लोग अपना खाना खुद ही बनाते हैं।

1900 के दशक में यहां पर स्नेक्स काफी प्रचलन में हो गए थे, जिससे लोगों की सेहत पर विपरीत असर हो रहे थे। इस बाद यहां कई सालों तक स्नेक्स का काफी विरोध हुआ था,जिससे अब ज्यादा प्रचलन में नहीं है। इसकी बजाय लोग घर का बना खाना पसंद करते हैं।

1.4 ग्रीन टी –

जापान में सबसे ज्यादा लोकप्रिय पेय पदार्थ है, ग्रीन टी ।ग्रीन टी में कॉफी,दूध वाली चाय के मुकाबले कहीं ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की त्वचा को टाइट रखते हैं, जिससे लंबी उम्र तक चेहरे पर झुर्रियां नजर नहीं आती। यह एंटीऑक्सीडेंट बुढ़ापे को दूर रखने के साथ-साथ कई प्रकार की बीमारियों से भी लड़ते।

जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज  यह है की जापान में टीवी देखते हुए या चलते हुए भोजन करना काफी बुरा माना जाता है। टीवी देखते हुए खाना खाने से, दिमाग भोजन से हट कर टीवी पर केंद्रित हो जाता है। जिसकी वजह से जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया जाता है। आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता होगा।

जापान के कई लोगों में ,दूध में पाए जाने वाले पदार्थ लेक्टोस को हजम करने में दिक्कत होती है।इसलिए जापान में मवेशी के दूध की बजाए “सोय मिल्क” अधिक प्रचलन में है । यहां पर पनीर के बजाय लोग “टोफू” खाना ज्यादा पसंद करते हैं।

1.5 खाने के बर्तन-

जापान में खाना एक बड़े थाली के बजाय छोटे-छोटे कई बर्तनों में परोसा जाता है।इस ट्रिक का इस्तेमाल जापान के होटलों में खूब किया जाता। छोटे बर्तनों में थोड़ा खाना खाया जाने बावजूद भी टेबल पर काफी सारे बर्तन पड़े देखकर दिमाग को ऐसा लगता है जैसे काफी सारा खाना खा लिया हो।जापान में चम्मच से ज्यादा प्रचलन चॉपस्टिक का है। इस चॉपस्टिक से एक बार में थोड़ा खाना ही खा होता है। जिससे भोजन अच्छे से पचता है।

बच्चों को बचपन से ही भोजन के प्रति स्कूलों में खाने की अच्छी आदतों के बारे में जागरूक किया जाता है। जापान का हर व्यक्ति खाने को प्रणाम करने के बाद ही खाना खाना शुरु करता है।

जापान में ज्यादातर लोग एक निश्चित समय पर खाना खा लेते हैं। जापान में सुबह का खाना 8 से 9 के बीच, दोपहर का खाना 12 से 1 के बीच,और रात का खाना 6 से 8 के बीच कर लिया जाता है।जापान में ज्यादातर लोग रात का खाना शाम होने से पहले खा लेना उचित समझते हैं।

1.6 होरा हाची बू –

जापान में यह शब्द काफी प्रचलित है। इसका मतलब होता है पेट की पूरी क्षमता की बजाय केवल 80% भोजन ही खाना।इसमें 20% भोजन कम किया जाता है।ऐसा इसलिए क्योंकि भोजन अच्छे से पचाने के लिए पेट में थोड़ी खाली जगह आवश्यक होती है। ऐसा करने से भोजन अच्छे से हजम हो जाता है।

जापान में खाना खाने के बाद गर्म पानी पीना अच्छा समझा जाता है।ठंडा पानी पीने से भोजन को पचाने वाले एंजाइम मंद पड़ जाते हैं , भोजन अच्छे से नहीं पचता है।उसके अलावा जापान में हरी सब्जियों भी काफी प्रचलन में है

2.मान्यतायें

2.1 मेटाबो लॉ –

यह कानून 2008 में लागू किया गया था। इस कानून के तहत जापान में बढ़ते हुए मोटापे को कम करने के लिए सख्ती बरती गई थी। इस कानून के हिसाब से 41 से 74 उम्र के लोगों को हिदायत दी गई थी कि पुरुषों की कमर 35.4 इंच से ज्यादा नहीं होना चाहिए और महिलाओं का 31.5 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर किसी की भी कमर का माप निर्धारित माप से अधिक मिलता है तो लोकल सरकार/एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाता है।2008 में लागू होने पर इस कानून की काफी आलोचना हुई थी पर अब मोटापे को वहां बुरा समझे जाने लगा है(सूमो पहलवान को छोड़कर)।

2.2 साफ-सफाई –

जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज  यह है की साफ सफाई के मामले में जापान की तारीफ पूरी दुनिया में होती है। जापान हर साल साफ सफाई के मामले में टॉप 5 देशों में बना रहता है। जापानियों का यही मानना है कि अगर हम अपने वातावरण को साफ रखेंगे तो हम भी अच्छी सेहतमंद जिंदगी जी सकेंगे।बच्चों को बचपन से ही स्कूलों में साफ सफाई के महत्व के बारे में बताया जाता है। स्कूल की साफ-सफाई ,झाड़ू पोछा, टॉयलेट साफ करना भी बच्चों से ही करवाया जाता है।

3.शारीरिक कसरत

3.1 ज्यादा शारीरिक कसरत करना-

जापान में ज्यादातर लोग ऑफिस, स्कूल; साइकिल या पैदल जाना पसंद करते हैं। बच्चों को भी स्कूल जाने के लिए साइकिल या पैदल ही भेजा जाता है। जापान में कार से आना-जाना अमीरी की निशानी समझा जाता है।

3.2 रेडियो पर एक्सरसाइज-

जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज  यह है की सभी स्कूलों में बच्चों को “राजीओ ताईसू ” करवाया जाता है । “राजीओ ताईसू ” मतलब रेडियो पर बजने वाली गाने की धुन के साथ-साथ कसरत करना है। जापान के सभी स्कूलों में सुबह ऐसे ही कसरत करवाई जाती है।

जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज  यह है की  जापान के लोग सेहत के प्रति काफी जागरूक होते हैं एक जापानी औसत हर महीने में एक बार डॉक्टर के पास रेगुलर चेकअप के लिए जाता है।

जापान के लोग मेहनती होने के साथ-साथ काफी ज्यादा शांत भी होते हैं। शांत होने का कारण, वह गर्म पानी से नहाने को मानते हैं। जापान में काफी सारे लोग एक बड़े से बाथटब से गर्म पानी से नहाते हैं।जापान में काफी सारे सक्रिय ज्वालामुखी हैं जिससे प्राकृतिक रूप से पानी गर्म हो जाता है। जापान के लोग इस प्राकृतिक गर्म पानी में नहाना काफी पसंद करते हैं ।इसको जापानी में “ऑनसेन” कहा जाता है।

 

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