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1. प्रोटीन के बारे में अहम जानकारी जो हर सेहत के प्रति जागरूक व्यक्ति को पता होनी चाहिए-

जब भी हम सेहत और स्वास्थ्य के प्रति ध्यान देते हैं तो हम पाते हैं कि प्रोटीन बहुत ही आवश्यक है।

Protein in hindi

•भोजन में प्रोटीन शारीरिक वृद्धि और दैनिक कुशलता के लिए आवश्यक है।

• प्रोटीन दो प्रकार का होता है एक वह जिसे हमारा शरीर स्वयं बना लेता है दूसरा वह जिसे हमें भोजन से प्राप्त करना पड़ता है। दूसरे प्रकार का प्रोटीन बहुत ही आवश्यक है क्योंकि इसे हमारा शरीर खुद नहीं बना पाता।इसलिए ऐसा भोजन करना बहुत जरूरी है जिसमें संतुलित मात्रा में प्रोटीन हो।

2. प्रोटीन आहार में- 

रिसर्च के अनुसार मांसाहारी भोजन में शाकाहारी भोजन की तुलना अधिक प्रोटीन होता है ,परंतु इसका यह अभिप्राय नहीं कि शाकाहारी लोगों को भोजन से कम प्रोटीन मिलता है। असल में हर प्रकार का प्रोटीन पेड़ों से ही प्राप्त होता है,पेड़ों को जानवर खाते हैं और उन जानवरों का भोजन करके मांसाहारी लोग प्रोटीन प्राप्त करते हैं ।

2.1 प्रोटीन की मात्रा शाकाहारी भोजन में-

एक कप दूध में 7 ग्राम

•2 ब्रेड में 10 ग्राम

•एक कप सोयाबीन में 31 ग्राम

लगभग सभी प्रकार की दालों में 15 से 18 ग्राम

एक चौथाई कप बादाम में 8 ग्राम

•8 आउंस दही में 6 ग्राम

2.2 म्रोटीन की मात्रा मांसाहारी भोजन में-

•100 ग्राम चिकन में 25 ग्राम

•100 ग्राम टर्की में 32 ग्राम

एक उबले हुए अंडे में 6 ग्राम

•120 ग्राम मछली में 32 ग्राम।

3. प्रोटीन के प्रकार- 

वैसे तो प्रोटीन को कई प्रकार से बांटा जा सकता है पर आपकी जानकारी के लिए मैं आपको सिर्फ जरूरी प्रकार ही बता रहा हूं। मुख्यत प्रोटीन दो प्रकार हैं।प्रोटीन खुद अमीनो एसिड से मिलकर बना होता है। कुछ अमीनो एसिड शरीर स्वयं बना लेता है परंतु कुछ अमीनो एसिड हमें भोजन से लेने पड़ते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि हम संतुलित भोजन करें।

4. प्रोटीन स्त्रोत के प्रकार-

पूर्ण प्रोटीन स्त्रोत – वह है जिस भोजन में हर प्रकार का जरूरी अमीनो एसिड होता है।मांसाहारी भोजन में सभी प्रकार के अमीनो एसिड होते हैं।

अपूर्ण स्त्रोत – जैसे कि शाकाहारी भोजन में कम मात्रा में प्रोटीन होता है। सोयाबीन,अमरनाथ, क्विनोआ ऐसे फल हैं जिनमें सभी प्रकार के अमीनो एसिड होते हैं ।

पूरक प्रोटीन स्त्रोत –वह होता है जिसमें हमें सभी प्रकार के जरूरी अमीनो एसिड लेने के लिए दो प्रकार की सब्जियों का इस्तेमाल करना होगा। जैसे कि कुछ अमीनो एसिड दाल में मिले जाएंगे और बाकी के बाजरे में।

5. प्रोटीन क्यों खाना चाहिए

• प्रोटीन ही अमीनो एसिड में टूटता है जो बाद में हमारे शरीर को जरूरी कामों के लिए अमीनो एसिड  देता है।

•अमीनो एसिड से ही शरीर के जरूरी एंजाइम्स, हारमोंस ,न्यूरोट्रांसमीटर्स और बाकी एंटीबॉडीज बनते हैं।

• शरीर की पुरानी हो चुकी कोशिकाएं प्रोटीन की मदद से ही सही होते हैं।

• प्रोटीन खाने से ग्लूकागोन नामक हारमोन बनता है जो शरीर के फैट को नियंत्रित रखता है।

•प्रोटीन शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा देता है। 1 ग्राम प्रोटीन से 4 कैलोरी मिलती हैं।

•प्रोटीन हर कोशिका का प्रमुख घटक है। शरीर में बाल , मांसपेशी, नाखून ,हड्डी में प्रोटीन होता है ।

6. प्रोटीन किस को कितना खाना चाहिए

•एक आम व्यक्ति को एक दिन में प्रोटीन अपने वजन के 0.8 ग्राम गुना चाहिए होता है। यानी कि अगर आपका वजन 50 किलोग्राम है तो आपको 1 दिन में 50 × 0.8= 40 ग्राम प्रोटीन चाहिए।

•जो लोग एथलीट/ खिलाड़ी या फिर रोज जिम जाने वाले व्यक्ति होते हैं उन्हें अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है।उनको अपने वजन का 1.4 – 2.0 ग्राम प्रति किलोग्राम चाहिए होता है। यानी कि 50 किलो के खिलाड़ी को 50×( 1.4 -2.0)= 70 ग्राम -100 ग्राम चाहिए होता है ।

अलग-अलग व्यक्ति के लिए प्रोटीन की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। जैसा कि आप देख सकते  ऊपर दी गई जानकारी में केवल यह बताया गया है कि किसको कितनी मात्रा में प्रोटीन चाहिए,जिससे आपके शरीर में कोई बीमारी नहीं होगी। यदि आप भोजन से अधिक प्रोटीन ले भी लेते तो यह नुकसानदायक नहीं होगा। भोजन से मिलने वाला अतिरिक्त प्रोटीन शरीर में  जमा हो जाता है जो बाद में काम आता है।

7. क्यों ज्यादा प्रोटीन खाना चाहिए-

जो व्यक्ति जिम या कसरत करते हैं उन्हें अधिक प्रोटीन की आवश्यकता रहती है। जिम में कसरत करने के 48 घंटे के बाद शरीर में प्रोटीन का बनना कम हो जाता है और टूटना अधिक। इसलिए शरीर में प्रोटीन की मात्रा अधिक ही रहनी चाहिए ।यदि आप अधिक प्रोटीन खा लेते हैं तो वह शरीर में वसा और शुगर के रूप में जमा रहता है। आपने यह अक्सर सुना होगा कि अधिक प्रोटीन खाने से किडनी खराब हो सकती है परंतु यह पूरी तरह सच नहीं है।बस जरूरी यह है कि जो आप प्रोटीन ले रहे हैं वह प्राकृतिक भोजन से मिलना चाहिए।

8. क्यों कम प्रोटीन खाना चाहिए-

यह भी जरूरी नहीं है कि सभी को पर्याप्त मात्रा में ही प्रोटीन चाहिए। कुछ लोग जिनको किडनी-लीवर की बीमारी होती है, उनको कम प्रोटीन वाला खाना खाने की सलाह दी जाती है।

9. प्रोटीन से भरपूर 10 भोजन

वैसे अगरवजनऔर प्रतिशत के हिसाब से देखा जाए तो स्पिरुलीना में प्रोटीन सबसे अधिक मात्रा में होता है परंतु यह आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता है।

9.1 वजन के हिसाब से पाए जाने वाला प्रोटीन

भोजन का नाम                      प्रोटीन की मात्रा

स्पिरुलीना(100 ग्राम)                57.5 ग्राम

सोयाबीन(100 ग्राम)                 43 ग्राम

पनीर (100 ग्राम)                      41.6 ग्राम

लीन विल टॉप (100 ग्राम)          36.7 ग्राम

बकरी का मांस (100 ग्राम)        35.5 ग्राम

मुर्गी का मीट (100 ग्राम)            32.1 ग्राम

सूअर का मांस (100 ग्राम)         31 ग्राम

टूना मछली (100 ग्राम)              29 ग्राम

कद्दू के बीज 100 ग्राम               29.8 ग्राम

9.2 मांसाहारी भोजन में पाए जाने वाले प्रोटीन की मात्रा

भोजन का नाम                               प्रोटीन की मात्रा

मुर्गी का मांस (100 ग्राम)                  32.1 ग्राम सूअर का मास (100 ग्राम)                31 ग्राम

टूना मछली (100 ग्राम)                     29. 9 ग्राम गाय का मांस (100 ग्राम)                  28.7 ग्राम

टोफू (100ग्राम)                               17.3ग्राम       अंडे (100 ग्राम)                              12 ग्राम

ऊपर दिए गए लिस्ट में नाम पूरी दुनिया में आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते ।आसानी से उपलब्ध हो सकने वाले प्रोटीन स्त्रोत कि अगर सूची बनाई जाए तो कुछ इस प्रकार होगी-

1. अंडे- अंडे प्रोटीन का सबसे स्वादिष्ट और सेहतमंद स्त्रोत है ।अंडे में प्रोटीन के अलावा विटामिन, एंटी ऑक्सीडेंट भी होते हैं।एक उबले हुए अंडे में 6 ग्राम प्रोटीन होता है ।

2.बादाम-आसानी से प्राप्त हो सकने वाले स्त्रोत में बदाम भी है।शाकाहारियों के लिए बादाम प्रोटीन के स्रोत के लिए बेहतर विकल्प है।बादाम में प्रोटीन के अलावा न्यूट्रिएंट्स,फाइबर, विटामिन, मैंगनीज, मैग्नीशियम भी होता है। पिस्ता और काजू भी प्रोटीन के बेहतर विकल्प है।

3. मुर्गी का मांस- तीसरे नंबर पर आसानी से प्राप्त हो सकने वाला भोजन है।यह खाने में स्वादिष्ट भी होता है और बनाने में आसान भी होता है ।

4. ओट्स – यानी कि जो। इसमें फाइबर, मैग्नीस, मैग्निशियम ,विटामिन बी-1 भी होता है और प्रोटीन तो होता है ही।

5. पनीर- भी आसानी से उपलब्ध हो सकने वाला प्रोटीन का स्त्रोत है ।इसमें कैल्शियम भी अधिक मात्रा में होता है ।

6.दही भी बहुत अच्छा प्रोटीन का स्त्रोत है

7. दूध-यह सबसे आसानी से प्राप्त हो सकने वाला पदार्थ है परंतु फिर भी सूची में सातवें नंबर पर रखने का कारण यह है कि बहुत से लोग दूध को हजम नहीं कर पाते हैं। दूध एक ऐसा भोजन है जिसमें लगभग शरीर के लिए जरूरी सभी तत्व होते हैं ।इसलिए दूध को संपूर्ण आहार भी कहा जाता है।

8. ब्रोकली गोभी का प्रकार है जो अच्छा प्रोटीन का स्त्रोत है ।इसके अलावा

9.लीन बीफ

10.टूना मछली

11. दालें और मूंगफली भी इस सूची में शामिल हैं।

यदि आप व्रत में है तो आप फलाहार से भी प्रोटीन की पूर्ति कर सकते हैं।फलों में सब्जियों के मुकाबले कम ही प्रोटीन होता है।

फल का नाम                         प्रोटीन की मात्रा

अमरुद (100 ग्राम)                      2.6 ग्राम एवोकाडो (100 ग्राम)                  2 ग्राम अपरिकोट्स (100 ग्राम)              1.4 ग्राम

कीवी (100 ग्राम)                        1.1 ग्राम

जामुन (100 ग्राम)                       1.4 ग्राम

संतरे (100 ग्राम)                         0. 9 ग्राम

केले(100 ग्राम)                          1.1 ग्राम

खरबूजा(100 ग्राम)                     0.8 ग्राम

9.3 शाकाहारी भोजन में वजन के हिसाब से पाए जाने वाले प्रोटीन की मात्रा

भोजन का नाम                    प्रोटीन की मात्रा

टोफू (100 ग्राम)                         17. 3 ग्राम

दालें ( 100 ग्राम)                          15-16 ग्राम

दही (100 ग्राम)                             5.7 ग्राम

कद्दू के बीज (100 ग्राम)                 29.8 ग्राम

क्विनोअा 100 ग्राम                        4.4 ग्राम मक्खन 100 ग्राम                          2.4 ग्राम

मशरूम 100 ग्राम                        3.6 ग्राम

10. शरीर में प्रोटीन की कमी के 5 लक्षण

Disease caused due to lack pf protein

1.एडिमा- एक रोग है जिसमें शरीर की त्वचा फूल जाती है अथवा सूजन आ जाती है।

2.लीवर में सूजन भी प्रोटीन की कमी का लक्षण है।

3. प्रोटीन की कमी के कारण लीवर में वसा जमा हो जाता है। जिससे लीवर में पीड़ा होती है।

4.सूखी त्वचा, बालों का टूटना, त्वचा का लाल हो जाना,कमजोर नाखून भी प्रोटीन की कमी का लक्षण  हैं।

5.शरीर में मांस में सबसे अधिक प्रोटीन पाया जाता है।मांसपेशी में कमजोरी भी प्रोटीन की कमी का लक्षण हो सकती है।

11. क्या प्रोटीन से शरीर का मोटापा भी कम किया जा सकता है?

जी हां! प्रोटीन से शरीर का मोटापा भी कम किया जा सकता है! प्रोटीन शरीर के बेकार वसा को कम करता है, जो कि ज्यादातर पेट पर जमा हो जाता है ।प्रोटीन की कमी के कारण पेट में वसा इकट्ठा हो जाता है। जिससे केवल पेट फूल जाता है बाकी शरीर बिल्कुल कमजोर होता है,जिसमें एक-एक हड्डी साफ नजर आती है। शरीर का वजन दिमाग द्वारा नियंत्रित होता है। वह हारमोन जो शरीर को यह बताता है कि कब खाना है या नहीं प्रोटीन के द्वारा ही नियंत्रित होता है। प्रोटीन भूख लगने वाले हारमोन को कम करता है, जिससे कम भूख लगती है ।शरीर को प्रोटीन पचाने के लिए अधिक कैलोरीज़ जलानी पड़ती है इसलिए जितनी कैलोरीज़ जलेगी उतना ही वजन भी कम होगा। पर यह ध्यान रहे कि तय मात्रा से बहुत अधिक प्रोटीन शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। साथ ही साथ एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जो लोग प्रोटीन लेते हैं उनमें तैलीय भोजन खाने की इच्छा बहुत कम हो जाती है जोकि अच्छी बात है।

मांसपेशी का बहुत सा हिस्सा प्रोटीन का ही बना होता है इसलिए प्रोटीन खाते रहने से आपकी मांसपेशियों को भी नुकसान नहीं होता ।अधिक प्रोटीन से आपका वजन तो कम होगा पर यह ध्यान देने वाली बात है कि जैसे ही आप प्रोटीन खाना बंद करेंगे आपका वजन वापस बढ़ भी सकता है। प्रोटीन अधिक मात्रा में लेने से जो कि अक्सर बाजार में उपलब्ध प्रोटीन से होता है उससे आपको सांस की दुर्गंध,डायरिया,किडनी का नुकसान भी हो सकता है।

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