soda drinks ke fayde or nuksaan

 हम सभी को सोडा ड्रिंक जैसे कि कोको-कोला,कोक, पेप्सी माउंटेन ड्यू पीने का शौक तो होता ही है।पर आपके मन में कभी यह सवाल आया है कि क्या सोडा ड्रिंक पीना सेहत के लिए स्वास्थ्य कारक है या नहीं?आपके मन में भी यह सवाल अक्सर आता होगा कि-

•क्या सोडा पीने से वजन बढ़ता है?

•क्या यह आपको मीठे का आदी बना सकता है?

•क्या यह आपके हारमोंस के संतुलन को बिगाड़ता है?

•क्या यह पेट के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाता है?

•सोडा किस प्रकार सेहत पर असर करता है ?

क्यों कुछ लोग सोडा पीने के बहुत आदी हो जाते हैं?

1.क्या सोडा पीने से वजन बढ़ता है-

तेज मधुकर आठ प्रकार के होते है। उदाहरण के तौर पर एक माउंटेन ड्यू में लगभग तीन प्रकार के तेज मधुकर पाए जाते हैं।सोडा को लेकर हुई रिसर्च में लगभग 200 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया था। इस एक्सपेरिमेंट में सभी लोगों के सोडा पीने और सोडा से बढ़ने वाले वजन का निरीक्षण किया गया।

Soda leads to weight gain

पिछले दो दशक में सोडा को लेकर बहुत सारी रिसर्च हुई हैं। सोडा को मीठा करने के लिए इसमें अलग-अलग प्रकार के स्वीटनर या मधुकर मिलाए जाते हैं। कुछ सोडा में बहुत तेज मधुकर पदार्थ भी मिलाए जाते हैं

परिणाम में यह सामने आया कि सोडा में जिस प्रकार का मधुकर मिला हुआ है उसका शरीर पर वैसा ही असर होता है। कुछ मधुकर शरीर का वजन बढ़ने का कारण पाए गए जबकि कुछ मधुकर शरीर के लिए सेहतमंद पाए गए।

सक्रोज(sucrose) और सैह्करन(saccharin) जैसे मधुकरशरीर का वजन बढ़ाते हैं।एस्पार्टेम(aspartame) जैसे मधुकर जो डाइट कोक और डॉक्टर पेपर में पाया जाता है वह शरीर में बहुत जल्दी हजम हो जाता है और अमीनो एसिड में टूटकर पेट से खून में पहुंच जाता है।

न्योटेम (neotame) भी कुछ ऐसा ही मधुकर है जो आसानी से टूट जाता है।यह दोनों मंद मधुकर होते हैं जो अमीनो एसिड में टूट जाते हैं कभी शरीर से खून में नहीं जाते। तेज मधुकर जैसे स्टेविया(stevia) और सक्रालोज(sucralose) यह पूरी तरह हजम नहीं हो पाते हैं और सीधा खून में पहुंच जाते हैं।

2.क्या सोडा मीठे का आदी बनाता है-

Soda makes you sugar addict

यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि सोडा आपको मीठे का आदी बनाता है। सोडे में पाए जाने वाला मधुकर आपको मीठे के प्रति आकर्षित करता है।बार-बार सोडा पीने पर आपका दिमाग भी बार-बार मीठा लेने का आदी हो जाता है और यह सोडा ना मिलने के कारण आपका शरीर दूसरे मीठे पदार्थों की ओर आकर्षित होता है।

3.क्या सोडा आपके हारमोन के स्तर को प्रभावित करता है-

Soda alters hormone balance

जब आप तेज मधुकर वाला सोड़ा पीते हैं तो शरीर को यह लगता है कि आप मीठा खा रहे हैं क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में शुगर होती है। इसकी वजह से आपके पित्ते से इंसुलिन निकलता है ताकि सोडे की शुगर को पचाया जा सके। इंसुलिन नामक हारमोन के निकलने की वजह से वसा की पाचन क्रिया मंद पड़ जाती है जिसकी वजह से वसा का पाचन नहीं हो पाता है। इस वजह से कुछ हद तक वजन भी बढ़ सकता है परंतु वजन कम करना या नियंत्रण में रखना पूरी दिन की दिनचर्या पर निर्भर करता है केवल इन्सुलिन पर नहीं केवल सोडा ना पीकर आप अपने वजन को नियंत्रण में नहीं रख सकते।इसके अलावा और भी सेहतमंद आदतें अपनाना जरूरी है।

4.क्या सोडा आपके पेट के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाता है-

Soda harms good bacteria of stomach

जैसा कि आपको पता ही होगा कि भोजन सिर्फ पेट ही नहीं पचाता बल्कि पेट में पाए जाने वाले 400 से अधिक किस्म के बैक्टीरिया भी पाचन-क्रिया में मददगार होते हैं।

सोडा में पाए जाने वाले मधुकर आपकी ऊर्जा शक्ति, रोग प्रतिरोधक क्षमता लगभग सभी पर असर डालता है। क्या मधुकर पेट में पाए जाने वाले अच्छे बैक्टीरिया पर बुरा असर करेगा या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के मधुकर का सेवन कर रहे हैं। रिसर्च में यह सामने आया है कि कुछ मधुकर जैसे कि स्टेविया (stevia), सूक्रालोस(Sucralose), सैह्करीन(saccharin) पेट के अच्छे बैक्टेरिया को नुकसान पहुंचाते हैं। सोडा बैक्टीरिया को मारता तो नहीं पर इसे नुकसान जरूर पहूंचता है।

5.सोडा का सेहत पर प्रभाव-

effects of soda on health

1970 के दशक में सोडा में पाए जाने वाला सैह्करीन(saccharin) में यह पाया गया था कि इससे चूहों में दिमाग का ट्यूमर होता है जिसके बाद से सोडा में सैह्करीन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था परंतु हाल ही में हुई रिसर्च के अनुसार सैह्करीन का इंसानों में कैंसर से कोई लेना देना नहीं है अभी भी बहुत से लोग यह सोचते हैं किसैह्करीन से कैंसर होता है।अंतरराष्ट्रीय संस्था एफ.डी.ए. ने कई सालों की रिसर्च से यह निष्कर्ष निकाला है कि एक इंसान को कितना मधुकर लेना सेहत के लिए हानिकारक नहीं है।आपको नीचे दी गई मात्रा से कभी अधिक मात्रा में मधुकर का सेवन नहीं करना चाहिए।

*68 किलो व्यक्ति के लिए सुरक्षित मात्रा

Sucralose       340 mg

saccharin       1020 mg

Neotame         20.4mg

Aspartame     3400mg

Advantame     2230mg

Acesulfame   1020mg

6.क्यों कुछ लोग सोडे के आदी हो जाते हैं-

is soda addiction harmful

टीवी के विज्ञापनों में हीरो को बड़े शानदार तरीके से पेप्सी या कोक पीते हुए देखा ही होगा। यह विज्ञापन हमारे मन पर गहरा असर करते हैं खासकर बच्चों के मन पर!यही वजह है जब हम किसी और को सोडा पीते हुए देखते हैं तो हमारा मन भी लालायित हो उठता है। जब हम सोडा पीते हैं तो यह शरीर को बहुत अच्छा महसूस होता है और धीरे-धीरे हम सोडे के आदी बनते चले जाते हैं।सोडे में पाई जाने वाली अप्राकृतिक मीठास और भी ज्यादा नुकसानदायक है, क्योंकि यह शरीर में वसा बनाती है और इससे आपको मधुमेह नामक बीमारी भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप नियंत्रित मात्रा में ही सोडे का सेवन करें।सोडा में कैफाइन (caffine) नामक पदार्थ भी पाया जाता है।

यह  ऊर्जा शक्ति बढ़ाने में सहायक होता है।सोडा पीने के बाद यह पदार्थ ऐसा महसूस करवाता है कि आप में अधिक उर्जा आ गई है।

फिर भी यह सवाल आता है कि क्या सोडा पीना चाहिए कि नहीं अगर रिसर्च के आधार पर देखा जाए तो इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि सोडा पीना छोड़ दें।जिन लोगों को सोडा पीने के बाद असहज महसूस होता है उन्हें बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए। पर कुछ लोग जो शराब के आदि होते हैं वह शराब को छोड़कर सोडा पी सकते हैं। यह सोडा उनकी शराब पीने की आदत को छुड़वाने में भी कारगर पाया गया है।शराब के मुकाबले सोडा पीना बेहतर ही है। वह लोग जिन्हें फिनायलकेटोन्यूरिया(phenylketonuria) नामक बीमारी होती है वह एस्पार्टेम (aspartame) वाला सोडा या और कोई भी चीज जिसमे एस्पार्टेम हो उससे परहेज रखना चाहिए।सोडा अम्लीय प्रवृत्ति के होते हैं जो कि दांतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और साथ ही साथ आपके पेट में अमल भी बनाते हैं। जिससे पेट में एसिडिटी की समस्या हो जाती है और पेट में जलन भी होती है।

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